India’s Covid Situation being amplified for obvious reasons

कल मेरा Austria की एक कंपनी के साथ zoom मीटिंग थी, मीटिंग स्टार्ट करने से पहले दोनों महानुभाव मुझे सांत्वना देने लगे कि उनको इंडिया से terrible न्यूज सुनने को मिल रही है और इसके लिए उनके मन में बहुत दुख है.

मैंने पूछा कि Austria के क्या हाल हैं तो कहने लगे कि काबु से बाहर हैं, फिर मैंने पूछा कि vaccination कहाँ तक पहुंची तो बोले कुछ हजार लोग ही vaccinate हुए हैं, मैंने पूछा कि तुम्हारा नंबर कब आएगा तो कहने लगे कि अभी उनके बूढे माँ बाप का ही नंबर October नवंबर से पहले नहीं आने वाला.

फिर मैंने बताया कि 89 लाख लोगों के देश में तुम लोग अभी कुछ हजार ही लोग vaccinate कर पाए हो, हमने 3 मई तक 15.78 करोड़ लोग vaccinate कर दिए हैं तो अगले बंदे की आंखें फटी रह गई, जूम मीटिंग में था, इसलिए वो expression मैं देख सकता था.

फिर मैंने पूछा कि क्या ऑस्ट्रिया में लोग नहीं मर रहे हैं तो महानुभाव बोलने लगे कि ताबूत कम पड़ गए हैं.

सभी देशों विकसित हो विकाशशील की हालत बहुत खराब है, हमारे यहां अभी भी 160 प्रति मिलियन का डेथ रेट है, ऑस्ट्रिया में यही 459 है और पड़ोसी देश हंगरी में 2909 प्रति मिलियन है, दोनों महानुभाव निरुत्तर हो गए.

मैंने उनको समझाया कि हालांकि एक भी मौत दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन भारत की खबर को बहुत ज्यादा amplify इसलिए किया जा रहा है क्योंकि भारत में एक राष्ट्र वादी नरेंद्र मोदी सत्ता सम्भाल रहा है और सभी चाहते हैं कि भारत में सत्ता परिवर्तन हो, चाहे किसी भी तरह से हो.

आप अंतरराष्ट्रीय स्तर का अभियान झेल रहे हैं जिसमें देखने से टार्गेट आपका नेता है लेकिन असली टार्गेट यहॉं का बाजार और यहॉं के उपभोक्ता हैं.

उनको अपनी वैक्सीन यहां बेचनी है इसलिए आपके देश की न्यूज पूरे विश्व में ऐसे चलायी जा रही है जैसे कि प्रलय केवल भारत में आयी है.

आपका सहयोग ही इस देश को और आपके नेता को बचा सकता है क्योंकि मोदी आप के और इनके बीच एक दीवार की तरह खडा़ है.